स्मृतिवान पं बद्री नारायण तिवारी जी द्वारा स्थापित साहित्यिक संस्था ‘मानस संगम’ के 60वें वर्ष का शुभारम्भ बीते रविवार को हुआ, कथा के दूसरे दिन भी शिवाला निवासियों के साथ ही साथ क्षेत्रीय इलाकों से भी भारी संख्या में श्रोता प्रयाग नारायण शिवाला मंदिर में मौजूद रहे |
युग तुलसी कहे जाने वाले पं• रामकिंकर जी उपाध्याय जी के कृपा पात्र शिष्य पं• उमा शंकर व्यास जी ने व्यासपीठ की पूजा उपरान्त कथा शुरू की, कथा के दूसरे दिन उन्होंने भगवान राम के जन्म के विषय में महादेव शंकर जी द्वारा बताए कारणों में मनु और शत्रुपा की तपस्या से प्रसन्न हो कर भगवान द्वारा दर्शन दिए जाने पर, मनु और शत्रुपा ने उन्हें अपना पुत्र बनाने की प्रार्थना की इस प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए तुलसीदास द्वारा ‘ममता की प्रबलता’ के विषय में बताए गए विचारों को कथा में सुनाया, कथा 21 दिसम्बर तक रोज शाम 7:30 बजे प्रारम्भ होगी |
ठंडी शाम में श्रोता कथा के बहाव में मग्न थे तो वहीं कुछ भक्ति भाव में लीन दिखे तो कुछ के चहरे पर भावुकता उफान पर थी | पं• उमा शंकर जी ने श्रोताओं को गौ सेवा और उसके लाभ आदि के विषय में भी बताया..
मंदिर के अध्यक्ष विजय नारायण तिवारी ‘मुकुल’ एवं प्रबंधक अभिनव नारायण तिवारी के साथ ही साथ राघव तिवारी, उमंग अग्रवाल, संजय सिंह, के के यादव, श्याम अरोड़ा, अनीता कुमार वर्मा, विनोद कुमार दीक्षित, राजेश मिश्रा अभिषेक सावंत आदि मौजूद रहे
