Monday, February 23, 2026

हमारी विरासत तुलसी उपवन

तुलसी उपवन अ‌द्भुत खुला राष्ट्रीय व सांस्कृक्तिक प्रथालय है, जिसमें विश्व की धरोहर मर्यादा पुरुषोत्तम राम, कविकुल शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास व उनकी अद्वितीय कृति राम चरित मानस जन-मानस को अनुप्राणित करती है। उत्तर प्रदेश के माननीय राज्यपाल राम नाईक जी ने सन् 2016 में तुलसी उपवन में आयोजित तुलसी जयंती समारोह में कहा या कानपुर आने वाले हर व्यक्ति को तुलसी उपवन देखना चाहिए।

सन्त तुलसीदास उत्तर प्रदेश में औद्योगिक राजधानी से विख्यात कानपुर के सुरम्य वातावरण बाले मोतीझील स्थित नगर निगम परिसर का तुलसी उपवन सारस्वत तीर्थ बन गया है। अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साहित्यिक, सांस्तिक, सामाजिक संस्था मानस संगम के संस्थापक संयोजक हिन्दी के परमसेवी दिव्य व्यक्तित्व के धनी, दिनम, सहृदयी डश्वद्र बद्री नारायण तिवारी की संकल्पना दूरदर्शिता, समर्पण भाव संकल्प के महा सम्बल से सुस्थापित व सुविकसित तुलसी उपवन श्रद्धा, विश्वास, आस्या, उर्जा, स्फूर्ति ज्ञानार्जन का अतुलनीय केन्द्र है। 25 सितम्बर 1981 को तत्कालीन राज्यपाल माननीय चन्देश्वर प्रसाद नारायण सिंह, सलाहकार प्रथम भारतीय आई सी. एस. डॉ. जनार्दन दत्त शुक्ल की सशक्त पहल व मनोयोग ने तुलसी उपवन को साकार रूप प्रदान किया।

तुलसी उपवन में कमलासन पर विराजमान गोस्वामी तुलसीदास की भव्य मूर्ति तथा रामकथा प्रसंगी राम केवट मिलन ललन जटायू शक्ति के प्रतीक तरकस शबरी राम मिलन जैसे भावपूर्ण झकियों अनूठी है। विशालकाय तुलसी उपवन में राम चरित्र मानस के विदेशी विद्वानी-कामिल बुल्के (जर्मन), डॉ. एल. पी. तस्सीवोरी (इटली), अ. यशन्निकोव (रूस), हिन्दी के स्वनामधन्य मनीषी राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन, राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त की श्रृंगार स्वरस प्रतिमा है। डॉ. तैस्ततोरी की प्रतिमा के भारत में केवल तुल उपवन में ही दर्शन होते है। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा का अनावरण भारत रत्न भूतपूर्व प्रधानमंत्री यशस्वी अटल बिहारी बाज ने भारी जन समूह के बीच समारोहपूर्वक किया था।

राष्ट्र‌पिता महात्मा गाँधी, आचार्य विनोबा भावे वियोगी हरि प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद महामना मदन मोहन मालवीय डॉ. विद्यानिवास मिठा रहतउल्ला खाँ डॉ. दोई, विन्सेट स्मिथ महादेवी वर्मा, पं. श्री नारायण चतुर्वेदी डॉ. शैलेश, हुसैन रिजवी पुण्डरीक, राष्ट्रकवि सोहन लाल द्विवेदी साहित्य मनीषी अमृत लाल नागर डॉ. राम कुमार दम सरीखे राजना विद्वान् दार्शनिकों कर्णधारो समाज सेवा के संवाहकों के 25 हजार से अधिक शब्दों के शिलालेखी में विचारों को पढ़ने से सुखद आनन्द की अनुभूति होती है। यह रचना संसार भारतीयता का ब्रह्माण्ड स्वरूप है।

शिलालेख मर्यादा पुरुषोत्तम राम तुलसी मानस हिन्दी साहित्य सृजन, समाज, संस्कृति, सभ्यता के प्रेरणाच शिलालेख के संदेश अमर शाश्वत कालजयी पास है, जिनके अध्ययन अनुशीलन हेतु शिक्षक छात्र-छात्रायेला आते है सामान्यतः प्रातः व साय को लोग तुलसी उपवन आते और इसकी अलोकिक छटा को निहार कर श्रद्धावनत होते है।

राम कथा के मुस्लिम साहित्यकार डॉ. निजामुद्दीन के शिलालेख में लिखा है राम का सिर्फ एक मजहब है दूसरी की परेशानी दूर करना और सबको सुख पहुंचाना, ऐसे राम के कदमों में कौन नहीं रहना चाहेगा बस दूसरी और वर्तमान पीढ़ी में व्याप्त नैराश्य की भावना को दूर करने में श्री राम और उनके दूत हनुमान की प्रासंगिकता को ये कहकर उजागर करते है कि –

“नासिर उनकी जीत जग में होती है सदा, जो गाते हैं गीत सियाराम हनुमान के।।”

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के शिलालेख में लिखा है अपने धर्म और मजहबी पुख्तगी पर मजबूती से कायम रहकर नौ मुसलमान कितना ज्यादा हिन्दुस्तानी हो सकता है-रहीम इसकी जिन्दा मिसाल हैं।

तुलसी उपवन हरिद्वार, प्रयाग जैसा पावन चित्रकूट है, पंचवटी है, साकेत है। प्रत्येक वर्ष तुलसी पर जारी तुलसी सांधक प्रातः एकत्र होकर तुलसी को भावांजलि समर्पित करके भजनों, गीतों, छंदों यशोगान विचार-मंथन में लीन होते है। इसकी सांस्तिक चेतना नित नूतन स्वरूप प्रस्तुत करती है।

पद्म विभूषण युग तुलसी मानस मर्मश पं. राम किंकर उपाध्याय, धारावाहिक दूरदर्शन रामायण के प्रणेता रामानन्द सागर पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री माद अटल बिहारी बाजपेई, भूतपूर्व राज्यपाल आचार्य विष्णुकांत शास्त्री, सत्य नारायण रेड्डी, समाज उद्धारक नानाजी देशमुख, विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष प्रो० वासुदेव सिंह, महिला विकास मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, सांसद देवेन्द्र सिंह भोले न्यायमूर्ति प्रेम शंकर गुप्त, पदमश्री लक्ष्मीनारायण गिरिराज किशोर इत्यादि ने तुलसी उपवन को अपने सानिध्य से महिमा प्रदान की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisement
Latest news
अन्य खबरे